Vijay Kumar Pandey - Manager

मेरे पूज्य पिताजी स्व० पं० सुखपाल पाण्डेय ने प्रसिद्ध समाजवादी नेता तथा चितंक आचार्य नरेन्द्र देव के नाम पर इस महावि़द्यालय की स्थापना सन्‌ १९७३ में की थी । संस्था का उद्‌देश्य इस पिछडे एवं ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के माध्यम से लोगों को जागरूक बनाना रहा है ताकि वे अपने कर्तव्यों तथा अधिकारों के प्रति सचेत हों तथा आत्मनिर्भर होकर देश एवं समाज की सेवा कर सकें। हम इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। हमें पूर्ण विश्वास है, कि क्षेत्रवासियों एवं महाविद्यालय परिवार के सहयोग से शिक्षा की गुणवता में उत्तरोत्तर सुधार करतें हुऐ यह महाविद्यालय ज्ञान विज्ञान की उन्नति के क्षेत्र में उत्कृष्ट मानदंड स्थापित करेगा ।

प्रवेश प्रक्रिया

इस वर्ष महावि़द्यालय द्वारा निर्धारित योग्यता वाले अभ्यथिर्यो के लिए निर्धारित सीटों की संख्या के अनुसार पात्रता / योग्यता तथा साक्षात्कार में दक्षता के आधार पर प्रवेश किया जायेंगा ।

छात्रवृत्तियाँ

राज्य सरकार के द्वारा कुछ छात्रवृत्तियाँ पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं जनजाति को प्रदान की जाती है ।
राष्टीय छात्रवृत्ति मेरिट के आधार पर (७५%या इससे अधिक अंक प्राप्त करने पर) ।

 
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